CG District Strict Action on Fertilizer Dealers छ.ग. जिले में 5 कृषि केंद्रों के लाइसेंस निलंबित, एक का लाइसेंस निरस्त
जांजगीर-चांपा। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने एवं उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए कृषि विभाग द्वारा जिले भर में निजी कृषि केंद्रों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर विभाग ने छह कृषि केंद्रों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है।
उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने बताया कि जिला एवं विकासखंड स्तर के उर्वरक निरीक्षकों द्वारा नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान मेसर्स राजेश ट्रेडर्स नवागढ़, मेसर्स पटेल कृषि केंद्र तुस्मा, मेसर्स रोशन कुमार अग्रवाल पोड़ी, मेसर्स विकास ट्रेडर्स खरौद तथा मेसर्स प्रकाश कृषि केंद्र खरौद में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
जांच में पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक और भौतिक स्टॉक में अंतर, किसानों को सत्यापित कैश मेमो जारी नहीं करना, उर्वरक विक्रय लाइसेंस प्रदर्शित नहीं करना, वितरण रजिस्टर का संधारण नहीं करना तथा निर्धारित मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं किए जाने जैसी कमियां सामने आईं। इन प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर उनके उर्वरक विक्रय लाइसेंस 21 दिनों के लिए निलंबित कर दिए गए हैं।
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वहीं विकासखंड अकलतरा के मेसर्स अभिषेक एग्रो, कटनई के निरीक्षण में पॉस मशीन में दर्ज उर्वरक के अनुरूप भौतिक स्टॉक उपलब्ध नहीं पाया गया। इसके अलावा यह भी सामने आया कि संबंधित प्रतिष्ठान पिछले दो वर्षों से उर्वरक व्यवसाय संचालित नहीं कर रहा था।
उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए विभाग ने मेसर्स अभिषेक एग्रो, कटनई का उर्वरक विक्रय लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त कर दिया है।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की सुरक्षा, उर्वरकों की सुचारु उपलब्धता तथा कालाबाजारी और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए निरीक्षण और कार्रवाई की प्रक्रिया आगे भी लगातार जारी रहेगी।
