स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, रायकेरा में सुशासन दिवस का गरिमामय आयोजन
रायगढ़। शासन के दिशा निर्देशानुसार तथा रायगढ़ जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के. वी. राव एवं जिला मिशन संचालक (डीएमसी) आलोक स्वर्णकार के मार्गदर्शन में आज 25 दिसंबर 2025 को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, रायकेरा में भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप में गरिमामय वातावरण में मनाया गया।इस अवसर पर संस्था के प्राचार्य एवं जिला नोडल अधिकारी (छात्रवृत्ति शाखा) द्वारा डॉ. अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं सुशासन की अवधारणा पर प्रभावशाली विचार प्रस्तुत किए गए।
उन्होंने कहा कि डॉ. वाजपेयी का संपूर्ण जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शी प्रशासन एवं जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण है। सुशासन केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनकल्याण को केंद्र में रखकर निर्णय लेने की जीवन-दृष्टि है।कार्यक्रम के दौरान संस्था के प्राचार्य महोदय ने अपने उद्बोधन में कहा कि डॉ. अटल बिहारी वाजपेयी का विचार था कि “सत्ता का वास्तविक अर्थ सेवा है”।
उनके अनुसार सुशासन की सार्थकता तभी सिद्ध होती है जब प्रशासन संवेदनशील, जवाबदेह और नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण हो। प्राचार्य महोदय ने कहा कि शिक्षा संस्थानों की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि चरित्र निर्माण, अनुशासन और जिम्मेदारीबोध को विकसित करना भी उसका मूल उद्देश्य है।
सुशासन दिवस के अवसर पर संस्था द्वारा विद्यार्थियों को संदेश के माध्यम से डॉ. अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों, राष्ट्रहित में उनके योगदान तथा सुशासन के मूल सिद्धांतों से अवगत कराया गया, ताकि वे इन मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात कर सकें।कार्यक्रम का समापन सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता, पारदर्शिता एवं कर्तव्यनिष्ठ प्रशासन के संकल्प के साथ किया गया।
संस्था के प्राचार्य एस के करन ने अवकाश उपरांत सुशासन दिवस के अवसर पर शासन के निर्देशानुसार विद्यार्थियों से निबंध लेखन, भाषण एवं कविता पाठ का आयोजन सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए। इसके लिए विद्यार्थियों को कार्यक्रम में सहभागिता हेतु पूर्व से तैयार रहने के लिए अवगत कराया गया। साथ ही उक्त गतिविधियों के सफल, सुव्यवस्थित एवं प्रभावी आयोजन हेतु समस्त कक्षा अध्यापकों को आवश्यक तैयारी, मार्गदर्शन एवं समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश भी संस्था स्तर पर प्रदान किए गए। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में व्याख्याता ख़ेम सिंह राठिया
मुरली साहू,जग्गू राठिया , हितेश्वर निषाद,ललित कुमार,विमला एक्का,रजनी राठिया, का विशेष योगदान रहा।
