मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की आज मैराथन समीक्षा बैठकें प्रशासनिक दक्षता की दिशा में बड़ा कदम
रायपुर 5 अगस्त 2025 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज पूरे दिन शासन की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा में जुटे हुए हैं। प्रशासनिक सुधार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से सीएम साय ने आज कई अहम विभागों की मैराथन बैठकें निर्धारित की हैं, जिनकी शुरुआत सुबह से ही हो गई है।
दिन की शुरुआत उन्होंने सुबह 10 बजे भिलाई के जयंती स्टेडियम से की, जहां वे शिव महापुराण कथा में शामिल हुए। इसके तुरंत बाद वे रायपुर रवाना हुए और दोपहर 12 बजे महानदी भवन स्थित मंत्रालय पहुंचे। यहीं से उनके मैराथन बैठक शेड्यूल की औपचारिक शुरुआत हुई।
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विभागों की गहराई से समीक्षा
- दोपहर 12:15 बजे से समीक्षा बैठकों का सिलसिला शुरू हुआ। मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों की योजनाओं, उनके क्रियान्वयन की गति और जमीनी हकीकत की विस्तृत समीक्षा कर रहे हैं।
- दोपहर 2 बजे, मुख्यमंत्री ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की बैठक ली। इस बैठक में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण अभियान और जलवायु परिवर्तन से निपटने हेतु उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई।
- तीन बजे, कौशल विकास विभाग की बैठक में युवाओं के लिए प्रशिक्षण, प्लेसमेंट और रोजगार के अवसरों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने विभाग को रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में गुणवत्ता और परिणाम पर जोर देने के निर्देश दिए।
- शाम 4 बजे, सीएम साय ने राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड की समीक्षा की। बैठक में पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के लिए संचालित योजनाओं की प्रगति और चुनौतियों पर चर्चा हुई।
- शाम 5 बजे से मुख्यमंत्री अन्य महत्वपूर्ण कार्यालयीन कार्यों में व्यस्त रहेंगे।
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शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रयास
मुख्यमंत्री साय की यह समीक्षा बैठकें केवल आंकड़ों की पड़ताल नहीं, बल्कि योजनाओं के धरातलीय प्रभाव का आकलन भी हैं। सरकार की मंशा है कि प्रशासनिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी और जवाबदेह हो, जिससे आम नागरिकों तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचे।
सीएम ऑफिस के अनुसार, ऐसी बैठकों का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा ताकि सभी विभाग लक्ष्य आधारित और परिणामोन्मुख कार्यशैली को अपनाएं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की आज की बैठकें छत्तीसगढ़ में सुशासन और दक्षता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल साबित हो रही हैं। इससे न सिर्फ योजनाओं की समीक्षा संभव हो रही है, बल्कि उनके प्रभावशाली क्रियान्वयन का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है।
