दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिला सशक्तिकरण पर जोर
संवाद दाता रामकुमार प्रजापति
//बरौल //दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत सीएलएफ महिला क्लस्टर संघ की वार्षिक आम सभा का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र की स्व-सहायता समूहों से जुड़ी सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया और संगठन की प्रगति, वित्तीय स्थिति एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
सभा की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं स्वागत भाषण के साथ हुई। मिशन प्रबंधन इकाई के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। सीएलएफ (क्लस्टर लेवल फेडरेशन) के माध्यम से समूहों को बैंक लिंकेज, आंतरिक ऋण, स्वरोजगार प्रशिक्षण एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।
वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए संघ की अध्यक्ष फूलों यादव, सचिव गयासमुनि, गायवती सचिव,ने बताया कि गत वर्ष के दौरान समूहों द्वारा लाखों रुपये का आंतरिक लेनदेन किया गया तथा अनेक महिलाओं ने सिलाई, बकरी पालन, डेयरी, मशरूम उत्पादन एवं लघु उद्योगों के माध्यम से अपनी आय में वृद्धि की है। सभा में आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत कर सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि रवि कांत कुमार भारती (ग्रामीण बैंक मैनेजर बतरा), विशिष्ट अतिथि सविता राजवाड़े मंडल अध्यक्ष कांग्रेस, जनपद सदस्य बतरा फुलकेली, हिरमनीया सिंह भूतपूर्व सरपंच लक्ष्मीपुर, सावित्री सिंह भूतपूर्व सरपंच बतरा ने कहा कि महिला क्लस्टर संघ ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनते जा रहे हैं। महिलाओं की भागीदारी से न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति सुधर रही है, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होंने समूहों को डिजिटल लेनदेन, स्वरोजगार विस्तार एवं विपणन नेटवर्क मजबूत करने पर विशेष बल दिया।
सभा के दौरान नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया तथा आगामी वर्ष के लिए लक्ष्य निर्धारित किए गए। अंत में सफल समूहों एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। आयोजन में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, मिशन स्टाफ एवं ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।