महतारी सदन भवन स्थल चयन को लेकर बतरा की विशेष ग्रामसभा में हंगामा, प्रस्ताव पर सहमति नहीं बनी
महिलाओं ने मेन रोड स्थित खसरा 892/1 पर निर्माण की मांग दोहराई, पूर्व विधायक की आपत्ति के बाद बैठक 2 मार्च तक स्थगित
बरौल। ग्राम पंचायत बतरा में 23 फरवरी 2026 को आयोजित विशेष ग्रामसभा उस समय हंगामे में बदल गई, जब महतारी सदन भवन निर्माण के लिए स्थल चयन को लेकर पक्ष–विपक्ष आमने-सामने आ गए। भारी गहमा-गहमी और तनावपूर्ण स्थिति के बीच पुलिस की मौजूदगी में बैठक को स्थगित कर 2 मार्च 2026 को पुनः आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
ग्रामसभा में सरपंच श्री आनन्द सिंह आर्मो, उपसरपंच श्रीमती सोनमणी राजवाड़े, सचिव श्री उदय प्रताप सिंह, रोजगार सहायक श्री जयप्रकाश राजवाड़े, आरईओ श्री अमित कुमार सहित बड़ी संख्या में पंच, जनप्रतिनिधि, स्वसहायता समूह की महिलाएं एवं ग्रामीण उपस्थित थे। विशेष रूप से पूर्व विधायक श्री पारसनाथ राजवाड़े, जनपद सदस्य श्रीमती फुलकेली मरकाम, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री हीरालाल राजवाड़े जिला उपाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी अजजा मोर्चा सूरजपुर श्री महेन्द्र सिंह मार्को सहित कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।
ये थे मुख्य एजेंडे
ग्रामसभा में प्रधानमंत्री किसान योजना के हितग्राहियों का भौतिक सत्यापन, धरती आबा योजना अंतर्गत प्रस्तावित निर्माण कार्यों पर चर्चा तथा महतारी सदन भवन निर्माण हेतु स्थल चयन प्रमुख मुद्दे रहे।
महिलाओं की एक स्वर में मांग
महतारी सदन भवन के लिए जैसे ही स्थल चयन पर चर्चा शुरू हुई, स्वसहायता समूह की महिलाओं ने अटल चौक मेन रोड, पानी टंकी के पास स्थित खसरा नंबर 892/1 पर निर्माण कराने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित करने की मांग रखी। महिलाओं का तर्क था कि मेन रोड के पास भवन बनने से अस्पताल, बैंक एवं अन्य शासकीय कार्यों में आने-जाने में सुविधा होगी।
महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि वे अन्य स्थान पर निर्माण नहीं चाहतीं और खाली पड़ी उक्त भूमि पर ही महतारी सदन बनाया जाए।
पूर्व विधायक ने जताई आपत्ति
इस दौरान पूर्व विधायक श्री पारसनाथ राजवाड़े ने उक्त खसरा भूमि पर निर्माण को लेकर आपत्ति दर्ज की। उन्होंने पूर्व में प्रस्तावित या अन्य शासकीय भूमि पर निर्माण कराने का सुझाव दिया। उनके इस रुख पर महिलाओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और अपनी मांग पर अडिग रहीं।
बैठक के दौरान उपसरपंच से कथित तौर पर तीखी नोकझोंक भी हुई। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री हीरालाल राजवाड़े के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। आरोप है कि दोनों पक्षों के समर्थक भी आमने-सामने आ गए, जिससे
हाथापाई की नौबत बन गई। ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया।
फिर बढ़ा तनाव, बैठक स्थगित
पुनः चर्चा शुरू होने पर अधिकांश महिलाएं और उपस्थित ग्रामीण खसरा नंबर 892/1 पर ही निर्माण के पक्ष में बोले। विवाद दोबारा बढ़ने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस बीच सरपंच सहित कुछ जनप्रतिनिधियों के बैठक स्थल से चले जाने की बात सामने आई।
उपस्थित पदाधिकारियों ने उच्च अधिकारियों से दूरभाष पर मार्गदर्शन लिया। सरपंच के हस्ताक्षर के बिना प्रस्ताव पारित किए जाने की प्रक्रिया स्पष्ट न होने के कारण ग्रामसभा को स्थगित कर 2 मार्च 2026 की नई तिथि तय की गई।
राजनीतिक सरगर्मी तेज
घटना के बाद पंचायत क्षेत्र में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। महिलाओं के विरोध और ग्रामसभा में हुए विवाद को लेकर विभिन्न पक्षों द्वारा अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। फिलहाल पूरे मामले पर अगली ग्रामसभा में निर्णय की उम्मीद जताई जा रही है।
ग्राम पंचायत बतरा की यह विशेष ग्रामसभा स्थानीय स्तर पर जनभावनाओं, महिला सहभागिता और राजनीतिक मतभेदों के कारण चर्चा का विषय बनी हुई है। अब 2 मार्च की बैठक पर सभी की निगाहें टिकी हैं।