बतरा के शाला प्रवेश उत्सव में शिक्षा, बालिका सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम; 5 पौधे लगाकर लिया हरियाली का संकल्प
शाला प्रवेश उत्सव इस बार सिर्फ औपचारिकता नहीं रहा। यह बेटियों के आत्मविश्वास, नए विद्यार्थियों के सपनों का उत्सव बना। शुक्रवार को बतरा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में कार्यक्रम हुआ। सरस्वती साइकिल योजना के तहत 86 छात्राओं को साइकिलें बांटी गईं। नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाया गया। पुष्प भेंट किए गए। मिठाई खिलाकर स्वागत हुआ। शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। परिसर में 5 पौधे लगाए गए।
सरस्वती साइकिल योजना में पीएम स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय बतरा की 21 छात्राओं को साइकिल मिली। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बतरा की 65 छात्राओं को साइकिल मिली। कुल 86 छात्राओं को साइकिलें दी गईं। साइकिल पाकर छात्राओं के चेहरे खिल उठे। छात्राओं ने कहा, अब स्कूल आने-जाने में समय बचेगा। पढ़ाई नियमित होगी।
मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा ने कहा, बेटियों की शिक्षा में निवेश समाज के भविष्य को मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा, यह योजना सिर्फ परिवहन का साधन नहीं। यह आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास की पहचान है। उन्होंने छात्राओं से मेहनत करने की अपील की। अनुशासन रखने की बात कही। लक्ष्य के साथ पढ़ाई करने को कहा। पौधरोपण पर उन्होंने कहा, आज लगाया पौधा आने वाले वर्षों में पर्यावरण, समाज के लिए अमूल्य धरोहर बनेगा।
प्राचार्य उत्तम राजवाड़े ने विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों की जानकारी दी। बोर्ड परीक्षा के उत्कृष्ट परिणाम बताए। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे नवाचारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, शाला प्रवेश उत्सव का उद्देश्य हर बच्चे को स्कूल से जोड़ना है। ड्रॉपआउट रोकना है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सकारात्मक माहौल बनाना है। कार्यक्रम में गोवर्धन सिंह, भुवनेश्वर प्रजापति, विजेंद्र यादव, स्वामी राजवाड़े पिछड़ा वर्ग मंडल अध्यक्ष, हीरालाल राजवाड़े , महेंद्र सिंह मार्को आदिवासी जिला उपाध्यक्ष, सुभाष राजवाड़े , आनंद सिंह आमों , वीरेंद्र गुप्ता मौजूद रहे। जनप्रतिनिधि पहुंचे। शिक्षक आए। पालक आए। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी शामिल हुए।



