Malaria Alert in Bilaspur जंगल क्षेत्र में मलेरिया का कहर, तीन बच्चे अस्पताल में भर्ती
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा विधानसभा क्षेत्र के जंगलों से मलेरिया संक्रमण के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। औरापानी गांव से लगभग दो किलोमीटर अंदर जंगल में रहने वाले एक ही परिवार के तीन बच्चों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। तीनों बच्चों का इलाज बिलासपुर स्थित सिम्स अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में जारी है।
जानकारी के अनुसार, कोटा मुख्यालय से करीब 22 किलोमीटर दूर स्थित औरापानी गांव के जंगल क्षेत्र में रहने वाले रामलाल यादव के परिवार के छह सदस्यों में से तीन बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने पर स्वास्थ्य जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में राकेश, लोकेश और हेमलता (उम्र 10 से 14 वर्ष) मलेरिया संक्रमित पाए गए।
Health Department on Alert
मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्र में पहुंची और विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। चिकित्सक डॉ. वीके वैष्णव और मलेरिया अधिकारी कृष्णा कुमारी के नेतृत्व में परिवार के अन्य सदस्यों की भी जांच की गई, हालांकि उनमें संक्रमण के लक्षण नहीं मिले। विभाग ने परिवार की लगातार निगरानी रखने की बात कही है।
150 ग्रामीणों की जांच, संदिग्धों के सैंपल भेजे गए
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित शिविर में करीब 150 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई। सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित लोगों को आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं, जबकि संदिग्ध मरीजों के रक्त नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
सावधानी बरतने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का उपयोग करने, घरों और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने तथा बुखार आने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की है। विभाग का कहना है कि समय पर जांच और उपचार से मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
