शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बतरा में शौचालय व्यवस्था पर सवाल; शिक्षकों के बाथरूम के उपयोग को लेकर भी उठे सवाल
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बतरा में विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध शौचालयों के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। आरोप है कि विद्यालय परिसर में शिक्षकों के उपयोग के लिए बाथरूम खुला रहता है, जबकि विद्यार्थियों के लिए बनाए गए शौचालयों में ताला लगा रहता है। इसके कारण आवश्यकता पड़ने पर छात्र-छात्राओं को विद्यालय परिसर से बाहर जाने की स्थिति बन रही है।स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों के अनुसार, कुछ विद्यार्थियों को शौच के लिए विद्यालय के आसपास के खुले क्षेत्र और रेलवे लाइन की दिशा में जाने की मजबूरी होती है। यदि यह स्थिति नियमित रूप से बनी हुई है, तो यह विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वच्छता और गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला है। विशेष रूप से छात्राओं के लिए विद्यालय परिसर में सुरक्षित, स्वच्छ और हर समय उपयोग योग्य शौचालय की उपलब्धता आवश्यक है।
शिक्षकों के लिए सुविधा, विद्यार्थियों के शौचालय में ताला
बताया जा रहा है कि विद्यालय में शिक्षकों के उपयोग के लिए बाथरूम उपलब्ध है और उसका उपयोग किया जाता है। दूसरी ओर विद्यार्थियों के लिए बनाए गए शौचालय बंद होने की बात सामने आई है। विद्यालय परिसर में शौचालय की सुविधा उपलब्ध होने के बावजूद विद्यार्थियों को उसका उपयोग नहीं मिलना विद्यालय की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करता है।
रेलवे लाइन की ओर जाना बना सुरक्षा का सवाल
शौचालय की आवश्यकता के लिए विद्यार्थियों का विद्यालय परिसर से बाहर निकलकर रेलवे लाइन की ओर जाना विशेष रूप से चिंताजनक है। रेलवे लाइन के आसपास विद्यार्थियों की आवाजाही दुर्घटना और अन्य सुरक्षा संबंधी जोखिम पैदा कर सकती है। ऐसे में विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि विद्यार्थियों को परिसर के भीतर ही सुरक्षित और उपयोग योग्य शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
अभिभावकों और ग्रामीणों ने जांच की मांग की
मामले को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से विद्यालय की शौचालय व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यार्थियों के लिए बने शौचालयों को तत्काल उपयोग के लिए खोला जाना चाहिए।
