सूरजपुर जिले को सोमवार को नई प्रशासनिक मुखिया मिल गई। श्रीमती रेना जमील ने जिले की 11वीं कलेक्टर के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण कर प्रशासनिक कमान संभाल ली। उनके पदभार ग्रहण करते ही जिला प्रशासनिक अमले में नई ऊर्जा और उत्साह का माहौल देखने को मिला। अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका स्वागत करते हुए जिले के विकास कार्यों एवं प्रशासनिक योजनाओं की जानकारी साझा की।
पदभार ग्रहण करने के बाद अपने प्रथम संबोधन में कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने साफ शब्दों में कहा कि उनकी प्राथमिकता शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी, संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन देना होगी। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और इस दिशा में पूरी गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाएगा।
नवपदस्थ कलेक्टर ने कहा कि जिले में संचालित योजनाओं की सतत मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि आम नागरिकों को समय पर लाभ मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से “सुशासन तिहार-2026” के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही आगामी “जनगणना-2027” की तैयारियों को भी व्यवस्थित एवं समयबद्ध तरीके से पूरा कराने पर जोर दिया जाएगा।
कलेक्टर श्रीमती जमील ने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जिले के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर उपचार सुविधा तथा पेयजल, सड़क और बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे जिले के सुदूर ग्रामीण अंचलों का लगातार भ्रमण करेंगी और वहां की वास्तविक स्थिति का जायजा लेंगी। आम लोगों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को सुनना और त्वरित समाधान करना प्रशासन की कार्यशैली का अहम हिस्सा होगा। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा जताई कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें ताकि शासन की योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।
जिलेवासियों को नई कलेक्टर से विकास कार्यों में तेजी, प्रशासनिक पारदर्शिता और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण की उम्मीदें हैं। प्रशासनिक गलियारों में भी यह चर्चा है कि उनके नेतृत्व में जिले में सुशासन और विकास को नई दिशा मिल सकती है।

