प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी किशोर करीब 60 फीट ऊंची परित्यक्त पानी की टंकी पर रील बनाने पहुंचे थे। इस दौरान दो बच्चे ऊपर चढ़ गए, जबकि बाकी तीन जैसे ही जर्जर सीढ़ियों से ऊपर जा रहे थे, अचानक सीढ़ी टूट गई और तीनों नीचे गिर पड़े। हादसा इतना भयावह था कि 14 वर्षीय एक किशोर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। उधर, टंकी के ऊपर फंसे दो बच्चों को निकालने के लिए प्रशासन ने युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। हाइड्रोलिक मशीन मंगाई गई, लेकिन टंकी के आसपास करीब 130 मीटर तक फैले दलदल के कारण मशीन मौके तक नहीं पहुंच सकी। प्रशासन ने रातभर अस्थायी सड़क बनाने का प्रयास भी किया, लेकिन बारिश ने राहत कार्यों में बाधा डाली।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना से मदद मांगी गई। सुबह तड़के सेना के हेलीकॉप्टर ने महज 9 मिनट में दोनों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिसके बाद राहत और बचाव टीमों ने राहत की सांस ली।
इस घटना ने एक बार फिर खतरनाक जगहों पर रील बनाने के बढ़ते चलन को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने युवाओं और अभिभावकों से अपील की है कि ऐसे जोखिम भरे स्टंट से बचें और सुरक्षा को प्राथमिकता दें, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।