Type Here to Get Search Results !

डिजी दुनिया प्रोजेक्ट से बदल रही शिक्षा की तस्वीर, शिक्षकों को दिया जा रहा स्मार्ट क्लास प्रशिक्षण

 


 शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल तकनीक को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सूरजपुर में “डिजी दुनिया प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़” के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। समग्र शिक्षा विभाग के आदेशानुसार यह प्रशिक्षण 04 मई 2026 से 19 मई


2026 तक जिले के छहों विकासखंडों में अलग-अलग मास्टर ट्रेनरों द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में सूरजपुर कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मास्टर ट्रेनर सुखदेव राजवाड़े द्वारा शिक्षक-शिक्षिकाओं को स्मार्ट क्लास एवं डिजिटल शिक्षण प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को आधुनिक तकनीकों के माध्यम से पढ़ाई को अधिक प्रभावशाली और रोचक बनाने के तरीके सिखाए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान स्मार्ट क्लास संचालन, डिजिटल कंटेंट का उपयोग, प्रोजेक्टर एवं इंटरैक्टिव बोर्ड की कार्यप्रणाली, ऑनलाइन शैक्षणिक सामग्री का उपयोग तथा विद्यार्थियों को तकनीक आधारित शिक्षा देने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।

मास्टर ट्रेनर सुखदेव राजवाड़े ने बताया कि वर्तमान समय डिजिटल युग का दौर है, ऐसे में शिक्षा को तकनीक से जोड़ना अत्यंत आवश्यक हो गया है। स्मार्ट क्लास के माध्यम से विद्यार्थियों को चित्र, वीडियो, एनिमेशन और प्रेजेंटेशन के जरिए पढ़ाया जा सकता है, जिससे कठिन विषय भी सरलता से समझ में आते हैं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों में डिजिटल माध्यम विद्यार्थियों की समझ और रुचि दोनों को बढ़ाने में काफी सहायक सिद्ध हो रहा है।

प्रशिक्षण में शामिल शिक्षकों ने भी इस पहल को शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि डिजिटल माध्यम से पढ़ाई कराने पर बच्चों की सहभागिता बढ़ती है और वे पढ़ाई में अधिक रुचि लेने लगते हैं। साथ ही इससे शिक्षकों की कार्यशैली में भी नवाचार आ रहा है और वे नई तकनीकों का बेहतर उपयोग सीख पा रहे हैं।

डिजी दुनिया प्रोजेक्ट” का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत विद्यालयों में प्रोजेक्टर, कंप्यूटर, इंटरनेट, डिजिटल कंटेंट और स्मार्ट बोर्ड जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे विद्यार्थियों में डिजिटल ज्ञान, रचनात्मक सोच और आत्मविश्वास का विकास हो रहा है।

शिक्षा विभाग की इस पहल को “डिजिटल इंडिया” और नई शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षक स्वयं तकनीकी रूप से दक्ष बन रहे हैं, जिससे आने वाले समय में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा का लाभ मिल सकेगा। जिले में चल रहे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को लेकर शिक्षकों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.